Emitra Category क्या हैं? सम्पूर्ण जानकारी

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Emitra Category:- जिस प्रकार हर किसी काम में ज्यादा काम करनें वालें और कम काम करनें वाले हो सकते हैं. ठीक उसी प्रकार, ई-मित्र प्रोजेक्ट में भी E-mitra कियोस्क के काम के हिसाब से उनकी कैटेगरी डिसाइड की जाती है, उसे Emitra Category कहा जाता है. अगर कोई कियोस्क अपने ई-मित्र पर ज्यादा ट्रांजेक्शन करता हैं तो उसका कमीशन ज्यादा आता हैं. और जो ई-मित्र कियोस्क कम ट्रांजेक्शन करते हैं तो उनका कमीशन कम आता है, लेकिन आप सोच रहे होंगे कि इसमें क्या लॉजिक हुआ. अगर कम काम करेगा तो कम ही आएगा ज्यादा काम करेगा तो ज्यादा ही कमीशन आएगा. अब हम Emitra Category के बारे में सम्पूर्ण जानकारी के साथ जानेंगे.

हमारें सभी बिजली प्रयोग करते हैं. आपनें देखा होगा बिजली के बिल के पीछें बिजली यूज के हिसाब से रेट लिखी होती हैं. जैसे 50 यूनिट का प्रयोग करनें पर 120 रूपये स्थाई शुल्क लगेगा और 3.5 रूपये पर यूनिट के हिसाब से बिल आएगा. लेकिन जैसें ही आपका बिल 50 यूनिट से ज्यादा और 100 यूनिट से कम आता हैं तो आपका  150 रूपये स्थाई शुल्क और 4.5 रूपये पर यूनिट के हिसाब से बिजली का बिल जनरेट होता हैं. ठीक उसी प्रकार ई-मित्र में भी आपको ट्रांजेक्शन के हिसाब से कैटेगरीयों में बांटा जाता हैं यानि Emitra Category में और उनकी कैटेगरी के हिसाब से ही उनका कमीशन डाला जाता हैं.

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Emitra Category क्या हैं?

विभाग द्वारा ई-मित्र कियोस्कों का उनकें कार्य और क्षमता के आधार पर विभाजन करना ही Emitra Category हैं. या यूं कहें ई-मित्र कियोस्कों को एक से अधिक भागों में बटना| ताकि हर ई मित्र कियोस्क अपनें ट्रांजेक्शनों को ज्यादा से ज्यादा बढानें की कोशिश करें. और ई-मित्र प्रोजेक्ट प्रोजेक्ट को और अच्छा बनाया जा सकें.

Emitra Category कितनें प्रकार की होती हैं?

Emitra Category को मुख्यत: A+, A, B+, B और C इन पांच भागों में बांटा गया हैं. ई-मित्र कियोस्क के ट्रांजेक्शन के आधार पर ही उस Emitra की Category डिसाइड की जाती हैं. और Emitra Category के आधार पर ही ई-मित्र का कमीशन दिया जाता हैं. ई-मित्र कमीशन को कियोस्क की कैटेगरी के आधार पर निम्न प्रकार बांटा गया हैं. आइये जानते हैं-

Emitra Category

A+

A+ कैटेगरी में आने वाले कियोस्कों को कुल कमीशन का 90% कमीशन कियोस्क को तथा 10% प्रतिशत कमीशन LSP का होगा. यदि कियोस्क शहरी क्षेत्र में ई-मित्रा की सेवा प्रदान करता हैं और वह महीनें के 29 दिन रेगुलर काम करता हैं. और प्रतिदिन 30 ट्रांजेक्शन करता हैं. तो ऐसे शहरी कियोस्क को A+ कैटेगरी प्राप्त होगी| तथा कियोस्क ग्रामीण क्षेत्र में ई-मित्रा की सेवाएँ देता हैं. और महीनें में 25 दिन रेगुलर काम करता हैं और प्रतिदिन 10 से अधिक ट्रांजेक्शन करता हैं तो ग्रामीण क्षेत्र के उस कियोस्क को A+ कैटेगरी प्राप्त होगी| और ऐसे कियोस्क को कुल कमीशन का 90% कमीशन कियोस्क को तथा 10% प्रतिशत कमीशन LSP को देय होगा|

A

यदि कियोस्क शहरी क्षेत्र में ई-मित्रा की सेवा प्रदान करता हैं और वह महीनें के 25 दिन रेगुलर काम करता हैं. और प्रतिदिन 30 ट्रांजेक्शन करता हैं. तो ऐसे शहरी कियोस्क को A कैटेगरी प्राप्त होगी| तथा कियोस्क ग्रामीण क्षेत्र में ई-मित्रा की सेवाएँ देता हैं. और महीनें में 20 दिन रेगुलर काम करता हैं और प्रतिदिन 10 से अधिक ट्रांजेक्शन करता हैं तो ग्रामीण क्षेत्र के उस कियोस्क को A कैटेगरी प्राप्त होगी| और ऐसे कियोस्क को कुल कमीशन का 85% कमीशन कियोस्क को तथा 15% प्रतिशत कमीशन LSP को देय होगा|

B+

यदि कियोस्क शहरी क्षेत्र में ई-मित्रा की सेवा प्रदान करता हैं और वह महीनें के 20 दिन रेगुलर काम करता हैं. और प्रतिदिन 20 ट्रांजेक्शन करता हैं. तो ऐसे शहरी कियोस्क को B+ कैटेगरी प्राप्त होगी| तथा कियोस्क ग्रामीण क्षेत्र में ई-मित्रा की सेवाएँ देता हैं. और महीनें में 20 दिन रेगुलर काम करता हैं और प्रतिदिन 5 से अधिक ट्रांजेक्शन करता हैं तो ग्रामीण क्षेत्र के उस कियोस्क को B+ कैटेगरी प्राप्त होगी| और ऐसे कियोस्क को कुल कमीशन का 80% कमीशन कियोस्क को और 15% प्रतिशत कमीशन LSP को तथा 5% DEGS को देय होगा|

B

यदि कियोस्क शहरी क्षेत्र में ई-मित्रा की सेवा प्रदान करता हैं और वह महीनें के 15 दिन रेगुलर काम करता हैं. और प्रतिदिन 10 ट्रांजेक्शन करता हैं. तो ऐसे शहरी कियोस्क को A कैटेगरी प्राप्त होगी| तथा कियोस्क ग्रामीण क्षेत्र में ई-मित्रा की सेवाएँ देता हैं. और महीनें में 15 दिन रेगुलर काम करता हैं और प्रतिदिन 5 से अधिक ट्रांजेक्शन करता हैं या 75 से अधिक ट्रांजेक्शन करता हैं तो ग्रामीण क्षेत्र के उस कियोस्क को B कैटेगरी प्राप्त होगी| और ऐसे कियोस्क को कुल कमीशन का 75% कमीशन कियोस्क को और 20% प्रतिशत कमीशन LSP को तथा 5% DEGS को देय होगा|

C

यदि कियोस्क उपरोक्त दिए हुए ट्रांजेक्शन से कम ट्रांजेक्शन करता हैं. यानि 75 से कम ट्रांजेक्शन करता हैं. तो ऐसे कियोस्क C कैटेगरी में आता हैं. ऐसे कियोस्क को कुल कमीशन का 70% कमीशन कियोस्क को और 20% प्रतिशत कमीशन LSP को और 5% DEGS को और 5% RISL को देय होगा|

अपने ई-मित्र की कैटेगरी कैसे बढ़ाये?

अपनें Emitra Category को बढानें के लिए आपको अपनें ई-मित्र पर ज्यादा से ज्यादा काम करना होगा. इसकें लिए आप ज्यादा चलनें वाली सर्विसों को टारगेट कर सकते हैं. और अपनें ई-मित्र की कैटेगरी हो इन्क्रिज कर सकते हैं. और अपनें कमीशन को बढ़ा सकते हैं. अपनी Emitra Category को बढानें के लिए बिजली के बिल, पानी के बिल, मोबाइल रिचार्ज, DTH रिचार्ज, AEPS सर्विस, DMT(मनी ट्रांसफर) इन ट्रांजेक्शनों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए.

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